✊🔴प्रकृति मे ही प्राणियों ने जन्म लिया. जीवन की प्रथम प्राण वायु इसी प्रकृति ने दिया. प्रकृति से ही भोजन पाया. प्रकृति मे ही जीवन संवारा और संस्कारवान बना. इसीलिए मनुष्य द्वारा प्रकृति मे समान जीवन जीने की कला-कौशल एवं समृद्धि हासिल करते हुए, इस प्रकृति रूपी विशाल रंगमंच पर, प्रकृति की तरह विराट हृदयी किरदार निभाकर, अंत मे उसी मे मिल जाना ही प्रकृति धर्म दर्शन है.
इसके अलावा सब आडंबर है.



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