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पर्यावरण संरक्षण 😥😥


अरे अच्छी बात है न ! होने दो जंगल साफ , होने दो खुदाई , कोयला निकलेगा , बिजली आएगी , घरों घर बिजली पहुंचेगी , उसी बिजली के बल्ब के नीचे आपके - हमारे बच्चे पर्यावरण की पुस्तक में पढ़ेंगे " वनोन्मुलन के दुष्परिणाम "।

पर्यावरण सतत पोषणीय विकास ये सब गरीबों के बच्चों के पढ़ने की चीज ही तो है क्योंकि अमीरों , पूंजीपतियों और राजनेताओं के बच्चों की किताबों में ये नहीं होता और अगर होता है तो या तो ये अनपढ़ हैं या अंधे ।

" छत्तसगढ़ के फेफ़डा " कहे जाने वाले हसदेव अरण्य का लगभग 841 हेक्टेयर जंगल जल्द ही साफ कर दिया जाएगा ।
क्योंकि सरकार और कोयले के बीच कमबख्त जंगल बीच में अा गया है उसको तो करना ही है न ।
क्या हुआ ?
सिर्फ 2 लाख पेड़ ही तो हैं फिर से लगा लेंगे।

तो क्या ये जंगल सरकार और पूंजीपतियों के बाप की है ?
उनके पूर्वजों ने ये सारे पेड़ लगाए ?
क्या कभी वो खुद हसदेव आए हैं , कभी देखा है किसी एक पेड़ को ध्यान से ?
कागजों पर पेड़ काटने से पहले बेहतर होता हसदेव अा कर एक बार देख जाते ।
अच्छा क्या जंगल के कटने से सिर्फ पेड़ मरते हैं ?
वृक्षों और पशुओं की कितनी सारी प्रजातियां विलुप्त हो जाएंगी । हाथियों का घर है हसदेव
आप उनके घर बर्बाद कर दोगे तो वो आपके घर अा जाएंगे और फिर ये आप बर्दाश्त नही कर पाओगे ।

हसदेव अरण्य क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी उनका क्या ?
उनकी तो घर , जीविका , मां - बाप ,बच्चे ,पुरखे सब कुछ हसदेव ही है
वो कहां जाएंगे ?
अपने पशु को कहां चराएंगे ? अपने पर्वों में कहां से लाएंगे वो वन देवी और वन देवता ? कैसे सिखाएंगे अपने आने वाले बच्चों को अपनी संस्कृति , जंगल के बिना , आदिवासियों का क्या अस्तित्व बाकी रह जाएगा ? उनके बच्चे जिन्होंने जिंदगी भर अपने मां बाप को जंगल के बीच देखा अब उन्हें जंगल के लिए संघर्ष करते देख रहे हैं।
उनके मन में तुम्हारे लिए घृणा बढ़ती ही जा रही है और तुम उसी के लायक हो।

एक बात बताइए हसदेव क्या आदिवासियों का ही है ? तुम्हारा कुछ नहीं ? आज से ठीक एक साल पहले लोग घर बेच कर ऑक्सीजन सिलेंडर लेे रहे थे 
याद है या भूल गए ?
मध्य भारत का एक सघन वन कटने जा रहा है और आपको लगता है कि इससे कोई फर्क नही पड़ता ? 
जब पड़ोसी के घर आग लगी हो न तो बैठ कर तमाशा नहीं देखा करते हैं ।
हसदेव कट गया कोयला खनन शुरू हो गया तो सारा प्रॉफिट जाएगा राजस्थान की कंपनी को , पैसा जाएगा दिल्ली में बैठे लोगों को 
हमे क्या मिलेगा जानते हैं ?

हमे मिलेगा प्रदूषण , गर्मी , भुखमरी , मानव - हाथी संघर्ष , हमे मिलेगी "हाय" उस आदिवासी बच्चे के आंखों से निकलते हर एक आंसू से , हमे मिलेगी मौत , और जब ऐसा होगा दिल्ली में बैठे लोग तालियां बजा बजा कर हंसेंगे और कहेंगे - राज्य बनने के इतने सालों बाद भी ये राज्य कोई विकाश नहीं कर पाया ।

अगर हसदेव अरण्य कट गया ना तो हमे छीन लेनी चाहिए पर्यावरण की किताबें ,अपने अपने बच्चों के हाथों से और जला देनी चाहिए।
हसदेव के मिटने से सिर्फ पेड़ नहीं मिटेंगे हसदेव के मिटने से मर जाएंगे लाखों लोग।

पड़ोसी के घर में लगी आग पूरे गांव को लील जाएगी आप बस देखते रह जाएंगे सब कुछ धुंआ होते ।

#Savehasdeo #hasdeoaranya
 कॉपी पेस्ट है पोस्ट 

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